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स्कॉसर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी भारतीय नौसेना हेतु तैयार

स्कॉसर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी भारतीय नौसेना हेतु तैयार

   Kautilya Academy    23-09-2019

स्कॉसर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी भारतीय नौसेना हेतु तैयार

स्कॉर्पीन क्लास की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस ‘खंदेरी’ को 19 सितम्बर 2019 को मुंबई में लॉन्च किया. इस आईएनएस पनडुब्बी को मझगांव डॉक लिमिटेड शिपयार्ड पर आयोजित कार्यक्रम में लॉन्च किया गया था. स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस ‘खंदेरी’ को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुंबई में 28 सितंबर 2019 को नौसेना में शामिल करेंगे. यह पनडुब्बी अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह से लैस है.



भारतीय नौसेना में पहली ‘खंदेरी’ पनडुब्‍बी 06 दिसंबर 1968 को शामिल की गई थी. इस पनडुब्‍बी ने लगभग 20 साल से ज्‍यादा समय तक सेवा देने के बाद को 18 अक्‍टूबर 1989 को सेवा समाप्त कर दिया था. स्‍कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्‍बी ‘करंज’ का निर्माण 31 जनवरी 2018 को शुरु किया गया था. अभी भी यह पनडुब्‍बी समुद्री परीक्षण के अपने कई चरण से गुजर रही है.



हाल ही में स्‍कॉर्पीन श्रेणी की चौथी पनडुब्‍बी ‘वेला’ का मई 2019 में जलावतरण किया था. इसे समुद्री परीक्षण हेतु तैयार किया जा रहा है जबकि दो अन्‍य स्‍कॉर्पीन पनडुब्बियां ‘वागीर’ और ‘वागशीर’ निर्माण के विभिन्‍न चरणों में हैं. यह स्‍कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण में प्रगति रक्षा उत्‍पादन विभाग के सक्रीय सहयोग के बिना संभव नहीं था.



पनडुब्बी की बेहतर विशेषताओं को सुनिश्चित किया



स्कॉर्पीन में प्रयुक्त तकनीक ने पनडुब्बी की सबसे अच्छा विशेषताओं को सुनिश्चित किया है. स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां आमतौर पर किसी भी आधुनिक पनडुब्बी द्वारा किए जाने वाले विविध कार्यों को बड़ी कुशलता के साथ कर सकती हैं.



एसएसके पनडुब्बियां अभी भी सेवा दे रही है



भारतीय नौसेना में एमडीएल द्वारा साल 1992 और साल 1994 में निर्मित दो एसएसके पनडुब्बियां 25 साल पूरा हो जाने के बाद भी अभी तक अपनी सेवा दे रही हैं. एमडीएल स्‍वेदशी तकनीक से युद्धपोतों के निर्माण में हमेशा से आगे रहा है. इसने आईएनएस गोदावरी तथा लिएंडर जैसे युद्धपोतों के अतिरिक्त मिसाइल नौकाओं, एसएसके और स्‍कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों का निर्माण किया है.

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