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Samvida Shikshak

Samvida Shikshak
MP Primary Teacher Vacancy 2020 & Samvida Shikshak Varg 3 Online Form :

Professional Examination Board, Madhya Pradesh (MP Vyapam) invites online application for MP Varg 3 Vacancy 2020. Candidates need to check the Samvida Shikshak Bharti Notification for more details. Eligible candidates can apply for MP Primary TET Online Form on 6th January 2020 to 20th January 2020 through online portal @ www.peb.mp.gov.in. or www.peb.mponline.gov.in Candidates who are interested in these posts can check the complete details here on this page.


Latest Update:-
Samvida Shikshak Varg 3 Bharti 2020 online Form Start Now Recent updates are given below, Eligible candidates can apply for MP Primary TET Online Form through given below links.


MP Primary Teacher Vacancy 2020 Samvida Shikshak Varg 3 Bharti

MP Professional Examination Board has recently issued a recruitment notification (Advt. No. 13/2019-20) for Primary Teacher Varg 3 (Samvida Shikshak). Eligible candidates can apply for MP Primary TET Exam 2020 from 6th January 2020. The last date of submission online form and application fee is 20 January 2020. The last date of correction in the application form is 25 January 2020. Candidates who want to become a primary teacher in Govt. Schools in Madhya Pradesh can apply for Samvida Shikshak Bharti via online mode. Candidates can check the eligibility criteria, important dates, selection process and online application process from the below section.



www.peb.mp.gov.in 2020 Grade 3 Notification Details:
Name of the Recruitment Department Professional Examination Board, Madhya Pradesh (MP Vyapam)
Advt. No. 13/2019-20
Name of Examination MP Primary TET Exam 2020 (Samvida Shikshak Varg 3 Primary Teacher )
Total Post 17,000 Vacancy
Applying Mode Online
Job Location Madhya Pradesh
Starting Date to Apply Online 6th January 2020
Last date of submission online Form 25th January 2020
Article Category Recruitment
Official Website www.peb.mp.gov.in


Important Links
MP Primary TET Application Form 2020 Apply Here
Full Notification Pdf Download Here
Exam Date 25th April 2020
Official Website www.peb.mp.gov.in


Candidates who are going to apply for the MPPEB Primary Teacher Jobs must read the notification details. For apply MP Primary Teacher Vacancy online visit the official website and open online apply link. Fill up mandatory details in the application form, upload photo & signature, pay an application fee and submit the application form before the last date. If you make a mistake in the application form then you can correction before 25 January 2020 by the online portal.







टिप्पणी :
• अभ्यर्थी का आधार पंजीयन अनिवार्य है। यू.आई.डी.ए.आई.(UIDAI) के द्वारा सत्यापित (Verify) होने पर ही ई आधार मान्य होगा।

• बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र के रुप में अभ्यर्थी मतदाता पहचान पत्र, पेनकार्ड, आधार कार्ड, ड्रायविंग लायसेस तथा पासपोर्ट में से कोई एक को चयनित कर सकता है। मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र के अभाव में अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित किया जाएगा।

• अभ्यर्थी को नियम पुस्तिका में विनिश्चित मूल परिचय पत्र के अतिरिक्त अपना आधार कार्ड / ई-आधार कार्ड | आधार कार्ड की छायाप्रति । आधार नंबर / आधार VID की जानकारी लाना अनिवार्य हैं।

• परीक्षा में प्रवेश के समय एवं परीक्षा के दौरान बहुस्तरीय बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।

• परीक्षार्थियों को परीक्षा में रिपोर्टिंग समय तक परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति होगी । इसके पश्चात विलम्ब से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश की पात्रता नहीं होगी

• परीक्षा कक्ष में इलेक्ट्रानिक डिवाईस यथा मोबाईल फोन, केल्कुलेटर, लॉग टेबल्स, एवं नकल पर्चा इत्यादि का उपयोग पूर्णत: वर्जित है।

• ऑनलाईन आवेदन-पत्र क्रमांक के द्वारा ही ऑनलाईन परीक्षा हेतु अभ्यर्थी अपना प्रवेश-पत्र प्राप्त कर सकते हैं। अत: आवेदन-पत्र क्रमांक आवश्यक रूप से संभाल कर रखें, जिसकी समस्त जिम्मेदारी आवेदक की ही होगी।

• सभी अभ्यथियो का मध्यप्रदेश राज्य के रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना अनियार्य होगा |

• परीक्षा केन्द्र पर आवेदक को काला बाल प्वाइंट पेन तथा परीक्षा हाल में प्रवेश हेतु मंडल की वेबसाइट से डाउनलोड किये गये प्रवेश-पत्र साथ लाना अनिवार्य है

• किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के पश्चात परीक्षा समाप्ति तक परीक्षा कक्ष छोडने की अनुमति नहीं होगी।

• आवेदन-पत्र भरते समय उम्मीदवारों के किसी भी प्रमाण पत्र का परीक्षण पी.ई.बी. दवारा नहीं किया जाता हैं | अत: कम्प्युटर आधारित online परीक्षा में उम्मीदवारो की पात्रता (Eligibility) पूर्णत प्रावधिक (Provisional) होगी|
Eligibility Criteria For MP Primary School Teacher
Educational Qualification ▶Candidates must pass 10+2 (Intermediate / 12th) Examination with 50% Marks from a recognized board and 4 Years BL.Ed Degree OR
▶Passed 2 Year BTC / Special BTC Exam OR
▶B.Ed / Special B.Ed from a recognized University.
Age Limit ▶Minimum Age Limit – 21 Years
▶Maximum Age Limit – 40 Years
▶For Age Relaxation – Read the Notification Details.
Selection Process ▶Written Examination
▶Document Verification
Application Fee ▶General/Other State – Rs. 570/-
▶Reserve Category – Rs 320 /-
▶Correction Charge – Rs. 70/-
Payment Mode ▶Candidates can pay the exam fee through Net Banking, Credit Card, Debit Card, MP Online KIOSK Fee Mode.








Important Dates
Events Dates
Online Application Form Commencement from 06-01-2020
Last date of online Registration and Form Submission 20-01-2020
Last date of pay examination fee 20-01-2020
Application Form Correction Last Date 25 January 2020
Date of Examination Notify Soon
FAQs on MP Teacher Varg 3 Bharti 2020


Q. What is the last date of online Registration for MP Primary TET Recruitment?

Answer -The Last date of online form submission is 20 January 2020.


Q. What is the date of correction in the Application form?

Answer –Last of online correction is 25 January 2020.



Q. What is the maximum age limit for MPPEB Varg 3 Recruitment?

Answer –Maximum Age Limit is 40 Years. Check the Age Relaxation details from the official notification.
संविदा शिक्षक वर्ग 3 सिलेबस 2020
अध्याय-3 प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा - 2020 हेतु परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम

परीक्षा योजना (Scheme of Exam)

1. पात्रता परीक्षा हेतु 150 अंकों का एक प्रयापन होगा। परीक्षा की अवधि 2.30 घंटे होगी।

2. प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा। ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं होगा।

3. पात्रता परीक्षा के सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के होंगे, जिनके चार विकल्प होंगे और एक विकल्प सही होगा।

4. परीक्षा की संरचना एवं विषयवस्तु (Structure and Content) निम्रानुसार होगी –

विषयवस्तु (सभी अनिवार्य) प्रश्नों की संख्या कुल अंक
बाल विकास एवं शिक्षा शास्‍त्र (Child Development & Pedagogy) 30MCQ 30Marks
भाषा-1 (Language-1) 30MCQ 30Marks
भाषा-2 (Language-II) 30MCQ 30Marks
गणित (Mathematics) 30MCQ 30Marks
पर्यावरण अध्ययन (Environmental Study) 30MCQ 30Marks
कुल 150MCQ 150Marks


5. प्रश्नों की प्रकृति एवं स्तर (Nature and Standard of Questions) निम्नानुसार होगा –

i. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न 6-11 वर्ष आयु समूह के शिक्षण एवं सीखने के शैक्षिक मनोविज्ञान पर आधारित होंगे, जो विशिष्टताओं की समझ, आवश्यकता, विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों का मनोविज्ञान, शिक्षार्थी के साथ संबाद और सिचाने हेतु अच्‍छे फेसिलिटेटर की विशेषताएं एवं गुणों पर आधारित होंगे।

ii. भाषा-1 के प्रश्न आवेदन पत्र में चुनी गाई भाषा के माध्यम में प्रवाहिता (Proficiency) पर आधारित होंगे।

iii. भाषा-2, भाषा-1 से पृथक होगी। आवेदक आवेदन पत्र में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत व उर्दू में से कोई भी भाषा न सकेंगे और आवेदन पत्र में चुनी गई भाषा के प्रश्न ही हल कर सकेंगे भाषा-22 प्रश्न भाषा के तत्व, संप्रेषण और समझने की क्षमताओं पर आधारित होंगे।

iv. गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न विषय की अवधारणा, समस्या समाधान और पैडागाजी की समझ पर आधारित होंगे।

6. प्रश्न पत्र में प्रश्न म.प्र. राज्य के कक्षा-1 से 5 प्रचलित पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तकों के डॉपिक्स पर आधारित होंगे, लेकिन इनका कठिनाई स्तर एवं सम्बद्धता हाईस्कूल स्तर तक की हो सकती है।

7. उक्त का विस्तृत पाठ्यक्रम आगे दिया गया है –

विस्तृत पाठ्यक्रम
बाल विकास एवं शिक्षाशाख (child Development & Pedagogy) 30 प्रश्न


(अ) बाल विकास
15 प्रश्‍न


• बाल विकास की अवधारणा एवं इसका अधिगम से संबंध।

• विकास और विकासको प्रभावित करने वाले कारक।

• बाल विकास के सिद्धांत

• बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्‍यवहार संबंधी समस्याएं।

• वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव।

• समाजीकरण प्रक्रियाएं सामाजिक जगत एवं बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, साथी)

• पियाजे, पावलब, कोहलर और वार्नडाइक रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप।

• बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा।

• बुद्धी की रचना का आलोचनात्मक स्वरूप और उसका मापन, बहुआयामी वृद्धि।

• व्‍यक्‍तित्‍व और उसका मापन।

• भाषा और विचार।

• सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएं।

• अधिगम कर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि की विषमताओं पर आधारित भिन्नताओं की समझ।

• अधिगम के लिए जांकलन और अधिगम का जांकलन में अंतर शाला आधारित आंकलन सतत एवं समग्र मूल्यांकनः स्‍वरूप और प्रथएं (मान्यताएं)

• अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षाकक्ष में अधिगम को बढ़ाने आलोचनात्मक चिंतन तथा अधिगमकता की उपलब्धि के आंकलन के लिए।


(ब) समावेशित शिक्षा की अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समान 5 प्रश्न

• अलाभान्वित, एवं बंचित वर्गों सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकताओं की पहचान।

• अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान।

• प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकताओं की पहचान।

• समस्याग्रस्त बालकः पहचान एवं निदानात्मक पक्ष।

• बाल अपराधःकारण एवं प्रकार|


(स) अधिगम और शिक्षा शास्‍त्र (पेटागाजी)
10 प्रश्न |


• बच्‍चे कैसे सोचते और बोलते हैं, बच्चे शाला प्रदर्शन में सफलता प्राप्‍त करने में क्यों और कैसे असफल होते है।

• शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं,बच्चों के अधिगम की रणनीतियाँ अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में अधिगम का सामाजिक संदर्भ

• समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक-अन्वेषक के रूप में बच्चा।

• बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक धारणाएं, बच्चों की त्रुटियों को अधिगम प्रक्रिया में सामीप में समझना। अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकः अवधान और रूचि।

• संज्ञान और संवेग

• अभिप्रेरणा और अधिगम

• अधिगम में योगदान देने वाले कारक : व्‍यक्‍तिगत और पर्यावरणीय

• निर्देशन एवं परामर्श

• अभिक्षमता और उसका मापन

• स्मृति और विस्मृति

हिन्दी भाषा (Hindi Language) 30 प्रश्न


(अ) भाषायी समझ अवबोध
15 प्रश्न


• भाषायी समझ/अपबोध के लिए दो अपठित दिए जाएं. जिसमें एक गद्यांश (नाटक/एकांकी/ घटना/ निबंध/ कहानी/ आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में हो, इस अपठित में से समझ/अवबोध, व्याख्या, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्‍न किए जाएं। गद्यांश साहित्यिक/वैज्ञानिक/सामाजिक समरसता/तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकते हैं।

(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्‍त्र
15 प्रश्न


• भाषा सीखना और ग्रहणशीलता • भाषा शिक्षण के सिद्धान्त

• भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते है

• मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका

• भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं क्रमबद्धता

• भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पदना, लिखना) का मूल्यांकन

• कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत

• पुनः शिक्षण

अंग्रेजी भाषा (English language) 30 प्रश्न


A. Comprehension
15 Questions


• Two unseen prose passages (discursive or literary or narrative or scientific) with questions on comprehension, grammar and verbal ability.

B. Pedagogy of language development
15 questions


• Learning and acquisition of language

• Principles of second language teaching

• Language skills-listening, speaking, reading, writing

• Role of listening and speaking, function of language and how children use it as a tool

• The role of grammar in learning a language for communicating ideas verbally and in written form

• Challenges of teaching language in a diverse classroom, language difficulties

• Teaching learning materials, text book, multi-media materials multi-lingual resource of the classroom

• Evaluating language comprehension and proficiency : listening, speaking, reading and writing

• Remedial teaching (Re-teaching)

संस्कृत भाषा (Sanskrit Language) 30 प्रश्न


(अ) भाषायी समझा अवधोध
-15 प्रश्न


• भाषायी समझ/अवधोध के लिए दो अपठित दिए जाएं जिसमें एक गद्यांश् (नाट्यांश/निबंध आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में हो, इन अपठित में से समझ/अवबोध, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न कि जाएं। गद्यांश साहित्यिक सामाजिक समरसता तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकता है। |

(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्‍त्र
-15 प्रश्न


• भाषा सीखना और ग्रहणशीलता|

• भाषा शिक्षण के सिद्धान्त |

• भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं।

• मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका |

• भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं क्रमवद्धता |

• भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन |

• कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्यपुस्तक. दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत |

• पुनः शिक्षण

उर्दू भाषा (Urdu Language) 30 प्रश्न


1. जामे सलाहियत पर मबनी सवालात
15 सबालात


• दो गेर दरसी हक्तिवासात (मालूमाती/अदबी/अयानिया साइंसी)

• सलाहियत पर मबनी सबालात, कवायद, और जवानी सलाहियत पर मबनी सबालात। |

2. जवान के नवीनुमा और तदरीसी तरीके
15 सबालात


• सीखना और याद रखना। • जवान की सदरीस के असूल

• जवान में सुनने और बोलने की एहमियत जबान का काम और बच्चों के जरिए जवान की महारतों का इस्तेमाल

• जवान सीखने और खयालात का ज़बानी और तहरीरी इजहार करने में कवायर (ग्रामर) के रोल का तनकीदी जायजा

• क्‍लास रूम में मुखतलिफ तालीमी इस्तेदाद वाले बच्चों की जवान की मुश्किलात, गल्तियों और बेतरतीबियों के चैलेंज को कुबूल करते हुए जबान पढ़ाना।

• जबान की महारतें।

• जबान की सलाहियत और जबान पर उबूर के तजजिए के लिए बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना।

• तालीमी इम्‍दादी अशिया (TLM) दरसी कुतुब और मल्टी मीडिया मेटीरियल, लास रूम में मुहैया मुखतलिफ जवानों का मवादा

• तदारकी तदरीस।

निसाथी मोजुआत

• असनाफे नस्‍त्र - कहानी, मालूमाती मज़ामीन, ड्रामा, मकालमा

• असनाफे नज़्म - नाज़म, गीत।

• ग्रामर – इस्‍म, जमीर, फेअल, सिफत, मेय किस्‍में जिंस, जमाना, जुम्‍ले व मुहावरे, वाहिरजमा, मुजक्‍कर, मोअन्‍नस, तज़ाद, नज्म गीत बगेरह की तारीफ

• खतूत और दरख्‍वास्‍त नवीसी

• गैर दरसी इक्तिबास

• मज़मून नवीसी

गणित (Mathematics) 30 प्रश्न


(अ) विषयवस्तु (Content)
15 प्रश्न


• संख्या पद्धति - 1000 से बड़ी संख्याओं को पढ़ना व लिखना, 1000 से बडी संख्याओं पर स्थानीय मान की समझ व चार मूलभूत संक्रियाएँ।

• जोड़ना बटाना - पाँच अंको तक की संख्याओं का जोड़ना व घटाना

• गुणा - 2 या 3 अंको की संख्‍याओं का गुणा करना।

• भाग - दो अंको वाली संख्या से चार अंको बाली संख्या में भाग देना

• भिन्‍न-भिन्‍न् की अवधारणा, सरलतम रूप, समिभन्‍न, विषम भिन्न आदि भित्रों का जोड़ना घटाना गुणा।

• भाग, समतुल्य भिन्न, भित्र को दशमलब मे तथा दशमलव संख्या को भिन्न में लिखना।

• सामान्यतः प्रयोग होने वाली लंबाई, भार, आयतन की बड़ी व छोटी कार्ड में संबंध ।

• बड़ी इकाइयों में तथा छोटी इकाइयों में तथा छोटी इकाइयों को बड़ी इकाइयों में बदलना |

• ज्ञान इकाइयों में किसी ठोस वस्तु का आयतन ज्ञात करना |

• पैमाना, लंबाई, भार, आयतन तथा समय अंतराल से संबंधित प्रश्नों में चार मूल गणितीय संक्रियाओं का उपयोग करना|

• मीटर को सेंटीमीटर एवं सेंटीमीटर को मीटर में बदलना।

• पैटर्न - संख्याओं से संबंधित पेटनं को समझ आगे बढ़ाना, पैटन तैयार कर उसका संक्रियाओं के आधार पर सामान्यीकरण, त्रिभुजीय संख्याओं तथा वर्ग संख्याओं के पैटर्न पहचानना|

• ज्यामिति - मूल ज्यामितीय अवधारणायें. किरण, रेखाखण, कोण (कोणों का वर्गीकरण), त्रिभुज, (त्रीभुजों का वर्गीकरण - (1) भुजाओं के आधार पर (2) कोणों के आधार पर) त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।

• वृत्त के केन्‍द्र, त्रिज्या तथा व्यास की पहचान व समझ |

• वृत्‍त, त्रिज्‍या व व्यास में परस्पर संबंध, सममित आकृति, परिवेश आधार पर समानान्तर रेखा व सम्बवत रेखा की समझ |

• सरल ज्यामितीय आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) का क्षेत्रफल तथा परिमाप दी गई आकृति में इकाई मानकर ज्ञात करना |

• परिवेश की 20 आकृतियों की पहचान |

• दैनिक जीवन से संबंधित विभिन्न आकड़ों को एकत्र करना |

• घड़ी के समय को घंटे तथा मिनिट में पढ़ना तथा AM और PM के रूप में व्यक्त करना |

• 24 घंटे की घड़ी का 12 घंटे की घड़ी से संबंध |

• दैनिक जीवन की घटनाओं में लगने वाले समय अंतराल की गणना |

• गुणा तथा भाग में पैटर्न की पहचान |

• सममिति पर आधारित ज्यामिति पैटर्न |

• दण्ड आलेख के माध्यम से प्रदर्शित कर उससे निष्कर्ष निकालना |

(ब) Pedagogical issues
15 प्रश्‍न


• गणित शिक्षण द्वारा चिन्तन एवं तर्कशक्ति का विकास करना।

• पाठ्यक्रम में गणित का स्थान

• गणित की भाषा

• प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना

• मूल्यांकन की नवीन विधियों, निदानात्मक परीक्षण व पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास करना।

• गणित शिक्षण की नवीन विधियों का कक्षा शिक्षण में उपयोग करने की क्षमता

पर्यावरण अध्ययन (Environmental Study) 30 प्रश्न


(अ) विषयवस्तु (Content)
20 प्रश्न


1. हमारा परिवार, हमारे मित्र –

• परिवार और समाज से सहसंबंध -परिवार के बड़े-बूढे. बीमार, किशोर, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल और उनके प्रति हमारी संवेदनशीलता।

• हमारे पशु, पक्षी -हमारे पालतू पशु-पक्षी, माल वाहक पशु, हमारे आस-पास के परिवेश में जीव-जन्तु जानवरों पर प्रदूषण का प्रभाव।

• हमारे पेड़-पौधे -स्थानीय पेन-पौधे, पेड-पौधों एवं मनुष्यों की अन्तःनिर्भरता, वनों की सुरक्षा और उनकी आवश्यकता और महत्व, पेड़-पौधों पर प्रदूषण का प्रभाव ।

• हमारे प्राकृतिक संसाधन प्रमुख प्राकृतिक संसाधन, उनका संरक्षण, उर्जा के पारंपरिक और नवीनीकृत एवं अनवीनीकृत स्रोत।

2. खेल एवं कार्य

• खेल, व्‍यायाम और योगासन।

• पारिवारिक उत्‍सव, विभिन्न मनोरंजन के साधन- किताबें ,कहानियाँ, कठपुतली प्‍ले, मेला सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं दिवसों को विद्यालय में मनाया जाना।

• विभिन्न काम धंधे, उद्योग और व्यावसाय।

3. अवास

• पशु, पक्षी और मनुष्य के विभिन्न आवास, आवास की आवश्यकता और स्वस्थ जीवन के लिए आवास की विशेषताएँ

• स्थानीय इमारतों की सुरक्षा, सार्वजनिक संपत्ति, राष्ट्रीय धरोहर और उनकी देखभाल।

• उत्तम आवास और उसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, निर्माण सामग्री की गणना करना।

• शौचालय की स्वच्छता, परिवेश की साफ-सफाई और अच्छी आदतें।

4. हमारा भोजन और आदतें

• भोजन की आवश्यकता, भोजन के घटक - फल एवं सब्जियों का महत्व, पौधों के अंगो के अनुसार फल, सब्जियाँ।

• भोज्य पदायों का स्वास्थ्य वर्धक संयोजन

• विभिन्न प्रकार की आयु का भोजन और उनकी ग्रहण करने का सही समय।

• उत्तम स्वास्थ्य हेतु भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा के उपाय।

• खाद्य संसाधनों की सुरक्षा

5. पानी और हवा प्रदूषण एवं संक्रमण

• जीवन के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छ हवा की आवश्यकता।

• स्थानीय मौसम, जल चक्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और जलबायु परिवर्तन में हमारी भूमिका।

• पानी के स्रोत, उसके सुरक्षित रखरखाव और संरक्षण एवं पोषण के तरीके।

• संक्रमित वायु एवं पानी से होने वाले रोग, उनका उपचार और बचाव,अन्य संक्रामक रोग।

• हवा,पानी भूमि का प्रदूषण और उससे सुरक्षा, विभिन्न अपशिष्ट पदार्थों और उनका प्रबंधन उचित निस्तारण।

• भूकंप, बाढ़, सूखा आदि आपदाओं से सुरक्षा और बचाव के उपाय, आपदा प्रबंधन - प्राकृतिक संसाधनों का संपोषित प्रबंधन-संसाधनों का उचित दोहन, डीजल, पेट्रोलियम उपत एवं संपोषण आदि|

6. प्राकृतिक वस्तुएं और उपज



• मिट्टी, पानी, बीज और फसल का संबंध, जैविक-रासायनिक खाद।

• विभिन्न फसलें, उनके उत्पादक क्षेत्र।

• फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि कार्य और उपकरण।

7. मानव निर्मित साधन एवं उसके क्रियाकलापों का प्रभाव

• वनों की कटाई और शहरीकरण, पारिस्थितिक संतुलन पर प्रभाव

• ओजोन क्षय, अम्लीय वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस प्रभाव आदि के वैज्ञानिक कारण एवं निदान।

• पालिथिन, प्लास्टिक का उपयोग और उनका अपघटक अपमार्जक

• जीवाश्म ईधन के प्रयोग के प्रभाव।

• आपदा प्रबंधन

8. अंतरिक्ष विज्ञान

• अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का परिचय, उनके अंतरिक्ष में जीवन बिताने के अनुभव।

• अंतरिक्ष जीवन के वैज्ञानिक तथ्य, जीवन की संभावनायें।

• अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष खोजें एवं भविष्यवाणियां।

(ब) पेडागॉजिकल मुद्दे
10 प्रश्न


• पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और उसकी आवश्यकता। • पर्यावरण अध्ययन का महत्व, समेकित पर्यावरणीय शिक्षा।

• पर्यावरणीय शिक्षा के सूत्र एवं दायित्व।

• पर्यावरणीय शिक्षा का विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से सहसंबंध।

• अवधारणाओं के स्पष्टीकरण हेतु प्रविधियाँ और गतिविधियाँ।

• परिवेशीय भ्रमण, प्रयोगात्मक कार्य, प्रोजेक्ट कार्य और उनका महत्व।

• चर्चा, परिचर्चा, प्रस्तुतीकरण और समूह शिक्षण व्यवस्था से सीखना।

• सतत-मापक मूल्यांकन -शिक्षण के दौरान प्रश्न पूछना. मुखर और लिखित अभिव्यक्ति के अवसर देना, वर्कशीट्स एवं एनेस्लॉटल रिकार्ड का प्रयोग, बच्चे की पोर्टफोलियो का विकास करना, केस स्टी और व्यक्तिगत प्रोफाईल से शिक्षण व्यवस्थाएँ।

• पर्यावरणीय शिक्षा में शिक्षण सामग्री/सहायक सामग्री और उसका अनुप्रयोग।

• स्थानीय परिवेश की पर्यावरणीय समस्याएँ और उनके समाधान खोजने की क्षमता का विकास।

अध्याय-1 पात्रता परीक्षा संबंधी नियम

नि:शुल्क एवं अनिवार्य गाज शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत राष्ट्रीय अध्यापक निया परिषर द्वारा जारी शिक्षा निदेश दिनांक 11.02.2011 के अनुसार उक्त पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाना है। विभाग मा भ एक-1-176/2018/2-1दिनांक-06/10/2018 द्वारा मध्यादेश प्राथमिक शाला शिरा परीयारे भायोजन हेट प्रोफेनामा एकमामिनेशन बोटं भोपाल. को नोडल एजेन्सी नियुल मिया जाता है कि निमानुबार निर्देश जारी किए जाते है।

1. पद का विवरण - प्राथमिक शिक्षक
2. आवेदन पत्र / निर्देश पुस्तिका - प्रोफेशनल एकमामिनेशन बोर्ड भोपाल एवं विभाग के निर्देशानुसार होगा।
3. परीक्षा केंद्र - प्रोफेशनल एकमामिनेशन बोटं भोपाल के निर्देशानुसार होगा।
4. निर्धारित शैक्षणिक योग्यता: कम से कम 50 प्रतिमाह अंको के साथ हायर सेकेण्डरी अथवा इसके समकक्ष तथा प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्ष का डिप्‍लोमा या उसके समकक्ष।

अथवा
50 प्रतिशत अंको के साथ स्‍नातक तथा शिक्षा स्‍नातक (बी.एड.) जिसने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्‍त संस्‍थान से शिक्षा स्‍नातक की उपाधि प्राप्त की है, उस पर था 1 में 5 तक पढ़ाने के लिये अध्‍यापक के रूप में नियुक्ति हेतु विचार किया जाएगा| किन्तु इस प्रकार अध्यापक के रूप में नियुक्त व्यक्ति को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का एक सेतु पाठयक्रम (बिज्र कोर्स) आवश्यक रूप से पूरा करना होगा|

अथवा
कम से कम 45 प्रतिशत अंको के पाच हायर सेकेन्‍डरी अथवा इसके समकक्ष तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (मान्यता, मानक और क्रियाविधि) विनिमय, 2002 के अनुसार प्रारम्भिक शिक्षा विनिमय शास्‍त्र में दो वर्ष का डिप्‍लोमा |

अथवा
कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ हायर सेकेण्‍डरी अथवा इसके समकक्ष तथा प्रारंभिक शिक्षा शास्‍त्र में चार वर्षीय स्‍नातक उपाधि (बी.एल..एड.)।

अथवा
कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ हायर सेकेण्डरी अथवा इसके समकक्ष तथा शिक्षा शास्‍त्र (विशेष शिक्षा) में 2 वर्षीय डिप्‍लोमा|

अथवा
स्‍नातक उपाधि तथा प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा अथवा इसके समकक्ष

नोट :-
आरिक्षत वर्गों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों तथा नि-शक्‍त व्‍यक्‍तियों के अभ्‍यार्थीयों को अंकों में 5 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी 5. शिक्षक पात्रता परीक्षा में अर्ह होने के लिये प्रवर्गवार न्‍यूनतम अंको का प्रतिशत निम्‍नलिखित अनुसार होगा :- ।

अनुसुचित जाति/अनुसुचित जनजाति/अन्य पिछडे वर्ग/दिव्यांग व्‍यक्‍ति अन्‍य
(1) (2)
50 प्रतिशत 60 प्रतिशत


6. स्पष्टीकरण:

1. पात्रता परीक्षा में अहकारी अंक प्राप्त करने मात्र से नियुक्ति हेतु कोई दावा नहीं किया जा सकेगा।

2. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के अभ्‍यार्थी जो मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी हों केवल उन्हें न्यूनतम 50 प्रतिशत अहकारी अंक का लाभ प्रास होगा। अन्य राज्य के आवेदकों के लिये न्यूनतम अर्हकारी अंक 60 प्रतिशत होगें।

3. दिव्यांगजन आवेदकों के लिये न्यूनतम अर्हकारी अंक 50 प्रतिशत होगें।

4. पात्रता परीक्षा में न्यूनतम अह अंक प्रास करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को पात्रता पत्रक दिया जाएगा जिसमें पात्रता परीक्षा के प्रासांकों का दशमलब के दो अंकों तक उल्लेख किया जाएगा। प्राप्तांको को राउणऑफ नहीं किया जायेगा।

5. इस पात्रता परीक्षा मे अर्हता प्रास आवेदको में से प्रशासकीय विद्यालयो के लिए भी नियुक्त किये जाने वाले शिक्षको की नियुक्ति की जा सकेगी।

6. यह स्पष्ट किया जाता है कि प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा मे अर्हकारी अंक प्राप्त करने मात्र से किसी पर विशेष पर भर्ती का दावा नहीं किया जा सकेगा, क्योकि प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु कर पात्रता की शर्तो मे से यह एक शर्त की पूर्ति करेगा|

7. आवेदक को भाषा 1 एवं भाषा 2 के विकल्प मे अलग-अलग विषय चयनित करना होगा |

8. प्रश्‍न पत्र मे पैड़ागोंजी, भाषा-1, भाषा-2. गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के पृथक-पृथक 30-30 प्रश्‍न होंगे |

9. प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा मे भाग लेने वाले आवेदक जो निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अर्जित करने की परीक्षा के अंतिम वर्ष मे प्रवेशरत हैं. भी पात्रता परीक्षा में बैठने हेतु मान्य होंगे | ऐसे आवेदकों को उस तिथि की अंकसूची/उपाधि धारित किया जाना अनिवार्य होगा जिस तिथि को उनके परीक्षण हेतु शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगे जाएंगे |

10. आवेदन करने हेतु अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु दिनांक 01 जनवरी, 2020 को 21 वर्ष होनी चाहिए।

11. शिक्षक पात्रता परीक्षा का नाम मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा होगा | इसकी वैधता अवधि परीक्षा परिणाम जारी होने के दिनांक से 2 वर्ष तक रहेगी।

7. परीक्षा की योजना एवं पाठयक्रम पृथक से संलग्न किये गये हैं।

8. म.प्र.शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र के. एफ 1-179/2018/20-1 भोपाल दिनांक 03.01.2020 अनुसार विभाग द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन से यह निर्णय लिया गया है कि प्राथमिक शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्‍यार्थियों से विभाग स्तर पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति के लिये अनारक्षित अभ्यर्थियों से रुपये 100/- एवं प्रारक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों से रूपये 50/- पी.ई.बी. द्वारा प्रास किये जाये एवं इस राशि को विभाग को स्थानान्तरित किया जायेगा |

अवर सचिव
म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग


खण्ड-द ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली के संबंध में निर्देश


1. परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा प्रारंभ होने के 2-00 घंटे पूर्व अभ्यर्थी की उपस्थिति अनिवार्य है।

2. परीक्षा तिधि पर परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थी बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। अभ्यर्थी के बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में उसे परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी।

3. बायोमेट्रिक के अतिरिक्त अभ्यर्थी को टी.ए.सी. के दवितीय भाग की प्रविष्टियों को भरकर लाना अनिवार्य है।

4. पी.ई.बी की वेबसाईट पर अभ्यर्थियों के लिये ऑनलाइन परीक्षा के मॉक टेस्ट की व्यवस्था उपलब्ध रखेगी, जिसका उपयोग कर आवेदक परीक्षा पूर्व परीक्षा प्रक्रिया का अभ्यास कर सकता है।

5. पी.ई.बी. कार्यालय में भी आवेदक के लिये ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया के अभ्यास की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

6. अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान प्रत्येक प्रश्न के लिये उपलब्ध चार विकल्प में से एक विकल्प का चयन उत्तर अंकित करने के लिये अनिवार्य होगा।

7. पी.ई.बी. की वेबसाईट पर परीक्षा समाप्त होने के अगले दिवस प्रश्न पत्र एवं मॉडल उत्तर प्रदर्शित किये जायेंगे जिसके आधार पर आवेदक प्रश्न एवं उनके उत्तर विकल्पों के संबंध में अपना अभ्यावेदन नियमानुसार निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत कर सकेगा।

8. अभ्यर्थियों से प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार उपरान्त अंतिम उत्तर कंजी (आदर्श उत्तर) तैयार किये जायेंगे। जिसके आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार कर घोषित किया जाएगा।

9. ऑनलाईन आवेदक उपयोगकर्ता पहचान और पासवर्ड के दवारा ही ऑनलाईन परीक्षा हेतु अभ्यर्थी अपना प्रवेश के रूप से संभाल आवेदक उपयोगकर्ता पहचान और पासवर्ड आवश्य : कर सकते है । अतपत्र प्राप्त कर रखे जिसकी समस्त जिम्मेदारी आवेदक की होगी।

10. परीक्षा का आयोजन एक से अधिक शिपट में किये जाने की स्थिति में अभ्यर्थियों के स्कोर का Normalisation करने का प्रावधान पी.ईबी.. के पास सुरक्षित रहेगा।

11. नियम पुस्तिका में परीक्षा आयोजन का समय परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन/संशोधन किया जा सकता है।

12. परीक्षा आयोजन की निर्धारित तिथि में परिस्थिति अनुसार परिवर्तन किया जा सकता है तथा परीक्षा का आयोजन निर्धारित तिथि के पूर्व या पश्चात भी किया जा सकेगा।

13. अभ्यर्थी को केवल मूल फोटो युक्त पलचान पत्र प्रस्तुत करने पर ही परीक्षा में बैठने की पात्रता होगी।

14. परीक्षा में निर्धारित रिपोटिंग समय के पश्चात आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की पात्रता नहीं होगी।
How to apply for MP Primary TET Online Form 2020 Link
Step 1: Visit the official website of MP Professional Examination Board @www.peb.mp.gov.in

Step 2: Then find the Important Notices / Advertisement Portal and open it.

Step 3: Open the Primary School Teacher Eligibility Test 2020 Link.

Step 4: Read all instructions and guidelines of examination.

Step 7: Upload scanned copy of photo & signature.

Step 8: Pay the examination fee via net banking, credit card or debit card.

Step 9: Submit the application form and take a printout of it for future uses.

2019 CJ-II Topper's

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